➤ मार्च तक डॉक्टरों के खाली पद भरने का लक्ष्य
➤ विशेषज्ञ डॉक्टरों के 150 पद किए गए मंजूर
➤ सुपर स्पेशलिस्ट की भर्ती के लिए वॉक-इन इंटरव्यू शुरू
शिमला। हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और डॉक्टरों की कमी दूर करने को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंडी में बड़ा बयान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य मार्च तक डॉक्टरों के सभी खाली पद भरने का है। उनके अनुसार, जब वर्तमान सरकार ने सत्ता संभाली थी, तब मेडिकल कॉलेजों में स्वीकृत पदों की तुलना में केवल 35 प्रतिशत पद ही भरे हुए थे, जबकि करीब 65 प्रतिशत पद खाली थे। अब सरकार ने विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए 150 विशेषज्ञ पद मंजूर किए हैं और सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भर्ती के लिए वॉक-इन इंटरव्यू की प्रक्रिया शुरू की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में केवल अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों का ढांचा तैयार करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि आधुनिक तकनीक के साथ डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की दक्षता बढ़ाना भी जरूरी है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश सरकार ने सत्ता संभालने के बाद स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पर्यटन और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में रखा है। स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार का जोर एक ओर खाली पदों को भरने पर है, वहीं दूसरी ओर चिकित्सा संस्थानों में तकनीक को बेहतर बनाने और स्वास्थ्य कर्मियों की क्षमता बढ़ाने पर भी दिया जा रहा है। सरकार का कहना है कि बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए पर्याप्त संख्या में डॉक्टर और पैरामेडिकल कर्मचारी उपलब्ध होना जरूरी है।
मेडिकल कॉलेजों में 65 फीसदी पद थे खाली
मुख्यमंत्री ने बताया कि जब उनकी सरकार ने कार्यभार संभाला था, उस समय मेडिकल कॉलेजों में स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 35 प्रतिशत पद भरे हुए थे। यानी 100 स्वीकृत पदों में से 35 पदों पर ही कर्मचारी तैनात थे, जबकि 65 पद खाली थे। सरकार की ओर से अब इन रिक्तियों को भरने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही जा रही है और मार्च तक डॉक्टरों की कमी को दूर करने का लक्ष्य रखा गया है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस वर्ष विभिन्न पदों पर भर्ती और नियुक्ति की प्रक्रियाएं भी जारी रही हैं। हिमाचल के स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर 2026 में विभिन्न स्वास्थ्य पदों की भर्ती और रिक्त पदों से संबंधित कई अधिसूचनाएं दर्ज हैं।
विशेषज्ञ डॉक्टरों के 150 पद मंजूर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए 150 पद स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए वॉक-इन इंटरव्यू की प्रक्रिया शुरू की गई है। सरकार का जोर इस बात पर है कि विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं केवल बड़े शहरों और मेडिकल कॉलेजों तक सीमित न रहें, बल्कि प्रदेश के दूरदराज और परिधीय क्षेत्रों में भी लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सके।
स्वास्थ्य क्षेत्र में विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद बढ़ाने की दिशा में इस वर्ष अन्य कदम भी उठाए गए हैं। हिमाचल सरकार के बजट दस्तावेज में विशेषज्ञ डॉक्टरों के कैडर को बढ़ाने, 300 ट्रेनी रिजर्व पद सृजित करने और मेडिकल ऑफिसर सहित विभिन्न स्वास्थ्य पदों को भरने की प्रक्रियाओं का उल्लेख है।
सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भर्ती पर भी जोर
प्रदेश में गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज के लिए सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की उपलब्धता महत्वपूर्ण मानी जाती है। मुख्यमंत्री के अनुसार, ऐसे डॉक्टरों की भर्ती के लिए वॉक-इन इंटरव्यू शुरू किए गए हैं। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से 2026 में सुपर स्पेशलिटी से जुड़े विभिन्न चिकित्सा पदों के लिए भर्ती विज्ञापन भी जारी किए गए हैं, जिनमें न्यूरोसर्जरी, न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, मेडिकल ऑन्कोलॉजी और अन्य विशेषज्ञताएं शामिल हैं।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य विशेषज्ञ और सुपर स्पेशलिस्ट सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाना है। सरकार की ओर से कहा गया है कि डॉक्टरों की भर्ती को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि स्वास्थ्य संस्थानों में मानव संसाधन की कमी कम हो और मरीजों को उपचार के लिए दूसरे स्थानों पर जाने की जरूरत कम पड़े।
तकनीक और स्टाफ की क्षमता बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने की जरूरत पर भी जोर दिया। उनका कहना है कि चिकित्सा संस्थानों में आधुनिक उपकरण और तकनीक उपलब्ध कराने के साथ डॉक्टरों तथा पैरामेडिकल कर्मचारियों का कौशल विकास भी जरूरी है।
सरकार के अनुसार, स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने का उद्देश्य केवल भवन और मशीनें उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन सुविधाओं का प्रभावी इस्तेमाल करने के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना भी है। इसी वजह से भर्ती प्रक्रिया के साथ स्वास्थ्य कर्मियों की दक्षता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं पर फोकस
हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में कई दूरदराज और दुर्गम क्षेत्र हैं, जहां विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं तक पहुंच एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहती है। ऐसे में सरकार की ओर से डॉक्टरों की भर्ती को केवल मेडिकल कॉलेजों और बड़े शहरों तक सीमित न रखने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि डॉक्टरों की उपलब्धता दूरदराज और परिधीय क्षेत्रों में भी सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
यदि निर्धारित लक्ष्य के अनुसार रिक्त पद भरे जाते हैं, तो इसका असर प्रदेश के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों की उपलब्धता पर पड़ सकता है। हालांकि भर्ती की प्रक्रिया पूरी होने और नियुक्तियां होने के बाद ही इसका वास्तविक प्रभाव स्पष्ट होगा।
एशियाई खेलों के पदक विजेताओं को सम्मान और इनामी राशि
मंडी दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने एशियाई खेलों के पदक विजेताओं को सम्मानित करने की बात भी कही। उन्होंने भारतीय कबड्डी टीम में शामिल हिमाचल की चार बेटियों सहित पूरी टीम इंडिया को जीत के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री ने जोगिंद्रनगर के सावन बरवाल को भी जीत के लिए बधाई दी और कहा कि हिमाचल पहुंचने पर विजेताओं का स्वागत किया जाएगा तथा नियमों के तहत सरकार की ओर से इनामी राशि दी जाएगी।
मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश की मौजूदा खेल पुरस्कार नीति के तहत पदक विजेताओं को सम्मान और पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। इससे संबंधित सरकारी नीति के तहत खिलाड़ियों को मिलने वाले पुरस्कार उनकी उपलब्धियों के अनुसार तय किए जाएंगे।



